वो मुझसे बोर होने लगी!
वो मुझसे बोर होने लगी,
अब बातों में पहले सा शौक नहीं।
जो हर सुबह मेरी मुस्कान थी,
अब उस मुस्कान में वो रोक नहीं।
पहले जो हर बात पे हँसती थी,
अब चुपचाप सी रहने लगी।
जो आंखें मेरी तलाशा करती थीं,
अब नजरें चुराने लगी।
मैं वही था, पर शायद वक्त बदल गया,
या फिर उसके दिल में कोई और बस गया।
मेरी कोशिशें अब बोझ सी लगती थीं,
जो साथ था, अब 'सोच' सी लगती थीं।
मैं अब भी उसी जोश में जी रहा था,
पर वो थकने लगी थी, थमने लगी थी।
मैं हर रोज़ नया बनने की कोशिश में था,
और वो हर रोज़ मुझसे बोर होने लगी थी..
💞पवन कुमार
Comments
Post a Comment